पानी की छोटी-छोटी बूंदों से घडा भरता है, छोटी-छोटी ईंट से एक बड़ा घर बनता है, जीवन मे कुछ भी ज्यादा /बड़ा करना हो तो उसकी शुरुआत भी एक छोटे सिरे से या कम मात्रा से ही होती है! इतना तो ख...
इंसान अकसर रोज झूट बोलता है कभी कहता है में ऐसा करूंगा कभी कहता है में वैसा करूंगा पर करने को कुछ नही कर पाता सब मे नही पर हां ज्यादातर लोगो मे ये बात होती ही है कहने के लिए बड़ी ...
हम प्रायः उन्हे सही समझते है जो हमारी सारी उम्मीदों पर खडे उतरते है और जो उम्मीद पर खडा नही हुआ उसे दूसरी नजरो से देखते है या फिर अपना विरोधी समझ लेते है! ऐसा ज़रूरी नही की हर ...
अगर बीता हुआ बुरा कल वर्तमान पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगे,तो धैर्य के साथ अपने वर्तमान को सही बनाने की अटूट कोशिश करें! क्योकी दोस्तों कुछ सुनी-सुनाई बातें है - "बेहतरीन द...
आजकल लोग कडवा सच सुनने से अच्छा झूटी प्रशंसा सुनना पसंद करते है और अगर कोई सच सुना दे तो उसे हमेशा गलत समझते है! ये दुनिया है ही ऐसी यहां सच को नही झूट को गले लगाया जाता है!! हमेश...
प्रायः हम कडवी दवा को चबाते नही सीधा गटक लेते है ठीक इसीप्रकार जीवन में भी अपमान,असफलता और धोखे जैसी कडवी बातो को सीधे गटक लेना चाहिए क्योकी उन्हें चबाते रहेंगे यानी याद ...
"पानी को कसकर पकड़ोगे तो वो हाथ से छुट जायेगा,उसे बहने दो वो अपना रास्ता खुद बना लेगा"!! कभी कभी जब परिस्थितियां समज में ना आये तो परिस्थितियों को शांत भाव व धैर्य से देखते रहिये ...